- ₹40 करोड़ की ड्रेनेज परियोजना, जल जीवन मिशन, नई टिहरी माल रोड सौंदर्यीकरण और एडीबी समर्थित पर्यटन विकास योजनाओं पर फोकस
टिहरी। उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शुक्रवार को टिहरी गढ़वाल में विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सड़क, पेयजल, सिंचाई, पर्यटन, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जनपद की विकास योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। मुख्य सचिव ने कुम्भ मेले से जुड़े नरेंद्रनगर-किनवानी-नीरगढ़ मार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस पर मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण, पीएमजीएसवाई फेस-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों और आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत को लेकर भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई। सिंचाई विभाग ने नहरों, नलकूपों और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया।
बैठक में मुनि की रेती क्षेत्र में प्रस्तावित 40 करोड़ रुपये की वर्षा जल निकासी परियोजना और चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि नदी तल का स्तर बढ़ने से अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मुख्य सचिव ने राजकीय पॉलिटेक्निक नई टिहरी के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही नई टिहरी माल रोड के सौंदर्यीकरण और फसाड कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली।
जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने देवप्रयाग और कीर्तिनगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया।
नरेंद्रनगर सीवर लाइन परियोजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती जल मांग और रखरखाव के लिए बजट की कमी को अधिकारियों ने प्रमुख चुनौती बताया। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और होटलों के लिए ग्रीन रेटिंग प्रणाली पर भी चर्चा हुई।
ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न ब्लॉकों में संचालित कृषि एवं गैर-कृषि गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, मशरूम यूनिट, डेयरी फार्म, मत्स्य उत्पादन, हर्बल ऑयल निर्माण और बकरी पालन जैसी योजनाओं को रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
बैठक से पूर्व भागीरथीपुरम स्थित टीएचडीसी गेस्ट हाउस में एडीबी समर्थित परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास के लिए प्रस्तावित छह प्रमुख क्लस्टरों की जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जाएं ताकि जनता को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

