- मेहूंवाला में चार बीघा और शिमला बाईपास में 10 से 15 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, गलोगी धार में बिना अनुमति निर्माण सील
देहरादून। अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अवैध निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के निर्देशों के क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने शुक्रवार को तीन स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान दो स्थानों पर अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि मसूरी-देहरादून मार्ग पर बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया गया।
एमडीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार की प्लाटिंग अथवा निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
चार बीघा में विकसित हो रही अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर
एमडीडीए की टीम ने कैलाशपुर रोड के निकट मेहूंवाला माफी क्षेत्र में मुर्सलीन, सुल्तान एवं अन्य द्वारा लगभग चार बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया।
प्राधिकरण के अनुसार संबंधित पक्षों को पूर्व में उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की प्रासंगिक धाराओं के तहत कारण बताओ नोटिस और कार्य रोकने का नोटिस दिया गया था। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
मसूरी मार्ग पर अवैध निर्माण सील
प्रवर्तन टीम ने दूसरी कार्रवाई मसूरी-देहरादून मोटर मार्ग स्थित गलोगी धार क्षेत्र में की। यहां नितिन खन्ना द्वारा बिना प्राधिकरण की आवश्यक स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान निर्माण में अनियमितता पाए जाने पर एमडीडीए ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील किया, ताकि आगे किसी भी प्रकार का कार्य न किया जा सके।
शिमला बाईपास पर 10 से 15 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
तीसरी कार्रवाई शिमला बाईपास रोड स्थित कारबारी ग्रांट नहर वाली रोड पर की गई। यहां शिव प्रसाद नैनवाल एवं जगदीश प्रसाद नैनवाल द्वारा लगभग 10 से 15 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया।
एमडीडीए के मुताबिक इस मामले में पूर्व में वाद दायर किया गया था और संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।
भूमि खरीदने से पहले जांच लें वैधानिक स्थिति
एमडीडीए अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, भू-उपयोग और प्राधिकरण से प्राप्त स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें। बिना मानचित्र स्वीकृति अथवा भू-उपयोग परिवर्तन के विकसित की जा रही कॉलोनी या निर्माण में निवेश करने से भविष्य में खरीदारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर कॉलोनी विकसित करने अथवा निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी भूमि या भवन में निवेश करने से पहले सभी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच करने की अपील की।
बिना अनुमति निर्माण शुरू न करें : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्राधिकरण की अनुमति प्राप्त किए बिना निर्माण कार्य शुरू न करें और भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जांच अवश्य कर लें।




