- ‘नमामि भारतम्’ के उद्घोष के बीच हुआ आयोजन, वक्ताओं ने बंकिम चंद्र चटर्जी के जीवन और ‘वंदे मातरम्’ के महत्व पर डाला प्रकाश
भवान, जौनपुर (टिहरी गढ़वाल)। सरस्वती शिशु मंदिर भवान में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में शुक्रवार, 25 सितंबर को बंकिम चंद्र चटर्जी की 150वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और ‘नमामि भारतम्’ के उद्घोष से राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार सहित कुल 275 लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित अतिथियों एवं विद्यालय परिवार ने बंकिम चंद्र चटर्जी के चित्र पर पुष्पमालाएं अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का संचालन श्री शैलेंद्र जी ने किया। मुख्य वक्ता श्री प्रेमचंद्र रमोला ने बंकिम चंद्र चटर्जी के जीवन, साहित्यिक योगदान तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चटर्जी का साहित्य और राष्ट्रभावना आज भी समाज को देशप्रेम तथा राष्ट्रीय चेतना का संदेश देती है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं ग्राम गोराण के क्षेत्र पंचायत सदस्य श्री देवेंद्र सिंह भंडारी ने अपने आशीर्वचन में सभी से राष्ट्रहित और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुंदरलाल भट्ट ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय की आचार्य बहनों, आचार्यों तथा भैया-बहनों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना की झलक देखने को मिली।


