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उत्तराखंड

देहरादून में 150 बीघा अवैध भू-विन्यास पर एमडीडीए का शिकंजा, गड़ूल-सूर्यधार में चला ध्वस्तीकरण अभियान

Pahad Vaarta
Last updated: September 10, 2026 2:27 pm
Pahad Vaarta
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5 Min Read
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  • बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और सीमांकन का मामला; एमडीडीए ने निरीक्षण के बाद की सख्त कार्रवाई, पहले भी 7 जुलाई को ध्वस्त किए गए थे अवैध निर्माण

देहरादून, 10 सितंबर 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अनधिकृत भू-विन्यास, अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में रानीपोखरी क्षेत्र के ग्राम गड़ूल-सूर्यधार में करीब 150 बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए भू-विन्यास, सड़क निर्माण और सीमांकन के मामले में प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

Contents
पहले भी 7 जुलाई को हुई थी कार्रवाईबिना नक्शा स्वीकृति के प्लॉटिंग पर रोकआमजन से एमडीडीए की अपीलक्या बोले एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी?सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दी जानकारी

प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित स्थल पर विशाल मनवाल एवं श्री कोठारी द्वारा आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना भू-विन्यास संबंधी कार्य किए जाने का मामला सामने आया था। शिकायत मिलने के बाद एमडीडीए की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बड़े भू-भाग में बिना स्वीकृति भू-विन्यास, सड़क निर्माण, सीमांकन समेत अन्य विकास कार्य किए जाने की स्थिति सामने आई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण की ओर से उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाद योजित किया गया। अभिलेखों और स्थल निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अनधिकृत विकास कार्यों के विरुद्ध नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

पहले भी 7 जुलाई को हुई थी कार्रवाई

एमडीडीए के मुताबिक, संबंधित स्थल पर अवैध निर्माण और विकास कार्यों के खिलाफ इससे पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। 7 जुलाई 2026 को अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया था। इसके बाद दोबारा कराए गए स्थल निरीक्षण में करीब 50 बीघा के अतिरिक्त लगभग 150 बीघा भूमि पर भी भू-विन्यास संबंधी कार्य किए जाने की स्थिति सामने आई।

निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए अनधिकृत विकास कार्यों को ध्वस्त किया।

बिना नक्शा स्वीकृति के प्लॉटिंग पर रोक

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के भूमि का भू-विन्यास कर प्लॉटिंग, सड़क निर्माण, सीमांकन अथवा अन्य विकास कार्य करना अनुमन्य नहीं है। प्राधिकरण ने कहा कि ऐसे मामलों में दस्तावेजों और मौके की स्थिति का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अनियोजित एवं अनधिकृत विकास पर प्रभावी अंकुश लगाना और नियोजित विकास व्यवस्था को बनाए रखना है।

आमजन से एमडीडीए की अपील

एमडीडीए ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भूमि को खरीदने से पहले संबंधित भू-विन्यास, प्लॉटिंग और स्वीकृत मानचित्र की वैधता की जांच जरूर करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी बिना अनुमति भू-विन्यास और निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

क्या बोले एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी?

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति भू-विन्यास, प्लॉटिंग अथवा निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गड़ूल-सूर्यधार प्रकरण में करीब 150 बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए अनधिकृत विकास कार्यों के संबंध में स्थल निरीक्षण और अभिलेखों के परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि जहां भी नियमों का उल्लंघन कर अनधिकृत विकास किया जाएगा, वहां प्राधिकरण नियमानुसार सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने आमजन से भूमि खरीदने से पहले संबंधित भू-विन्यास और मानचित्र की वैधता जांचने की अपील की।

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दी जानकारी

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि गड़ूल-सूर्यधार में स्थल निरीक्षण के दौरान स्वीकृत तलपट मानचित्र के बिना बड़े भू-भाग में भू-विन्यास, सड़क सीमांकन समेत अन्य अनधिकृत कार्य पाए गए।

उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा पूर्व में भी स्थल पर पाए गए अवैध निर्माण के विरुद्ध 7 जुलाई 2026 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद किए गए निरीक्षण में करीब 50 बीघा के अतिरिक्त लगभग 150 बीघा भूमि पर भू-विन्यास संबंधी कार्य पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

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