By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Pahaad VaartaPahaad VaartaPahaad Vaarta
Search
  • Advertise
© 2023 Pahaad Vaarta. All Rights Reserved. Developed By: Tech Yard Labs
Reading: उत्तराखंड में समावेशी शिक्षा की नई पहल, CM धामी ने लॉन्च किया ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Pahaad VaartaPahaad Vaarta
Font ResizerAa
Search
Follow US
  • Advertise
© 2023 Pahaad Vaarta. All Rights Reserved. Developed By: Tech Yard Labs
Pahaad Vaarta > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड में समावेशी शिक्षा की नई पहल, CM धामी ने लॉन्च किया ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’
उत्तराखंड

उत्तराखंड में समावेशी शिक्षा की नई पहल, CM धामी ने लॉन्च किया ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’

Pahad Vaarta
Last updated: July 19, 2026 3:56 pm
Pahad Vaarta
Share
3 Min Read
SHARE
  • विशेष बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग करिकुलम का विमोचन, बोले- हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार का संकल्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में ‘शाइन अवी लर्निंग समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए तैयार विजुअल लर्निंग करिकुलम आधारित पुस्तकों एवं शिक्षण सामग्री का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल शिक्षा को अधिक सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने, नवाचार करने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है। इसी सोच के अनुरूप उत्तराखंड सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और समावेशी बना रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पीएम श्री विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय और डिजिटल शिक्षण सामग्री के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है। वहीं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विद्यालयों में रैम्प, रेलिंग, सुगम शौचालय, अनुकूलित फर्नीचर और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में करीब 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न विद्यालयों में पंजीकृत हैं। राज्य सरकार के 11 विशेष विद्यालयों में 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शेष पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना है, जिसमें हर बच्चा अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके। बच्चों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद अनीता शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विदेश से उत्तराखंड लौटकर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किया है, जो रिवर्स पलायन का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून तथा सतत विकास लक्ष्यों में प्रथम स्थान जैसी उपलब्धियां इसका प्रमाण हैं।

TAGGED:#PushkarSinghDhami #InclusiveEducation #EducationMission2030 #SpecialChildren #NEP2020 #Uttarakhand #Dehradun

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link Print
Share
Previous Article रेयर डिजीज से जूझ रहे बच्चों का इलाज अब नहीं रुकेगा, जरूरत पड़ने पर राइफल क्लब फंड से देगा जिला प्रशासन मदद
Next Article जनता मिलन में गूंजी 57 फरियादें, डीएम नितिका खंडेलवाल ने अफसरों को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Pahaad VaartaPahaad Vaarta
Follow US
© 2023 Pahaad Vaarta. All Rights Reserved. Developed By: Tech Yard Labs
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?