देहरादून। दुर्लभ (रेयर) बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। अब इलाज के दौरान धन की कमी किसी भी बच्चे की जिंदगी पर भारी नहीं पड़ेगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से मिलने वाली सहायता पर्याप्त नहीं होती है, तो अतिरिक्त खर्च राइफल क्लब फंड से उपलब्ध कराया जाएगा।
शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 16 बच्चों की पहचान दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित के रूप में की गई है। इन बच्चों का उपचार देश के विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों में कराया जाएगा। चूंकि इन बीमारियों का इलाज अत्यंत महंगा और लंबी अवधि का होता है, इसलिए जिला प्रशासन ने हर संभव आर्थिक सहयोग का भरोसा दिया है।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी बच्चे के इलाज में दस्तावेज़ी प्रक्रिया, रेफरल या आर्थिक सहायता के कारण देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की जान बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उपचार में किसी प्रकार की प्रशासनिक या वित्तीय बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रत्येक बच्चे के उपचार की स्थिति, आर्थिक सहायता, रेफरल प्रक्रिया और चिकित्सकीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही अधिकारियों को अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखने और शासन स्तर से समय पर स्वीकृतियां सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए।




