- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में सभी अटैचमेंट होंगे समाप्त।
- प्रतिनियुक्ति पर गए कर्मचारियों की होगी वापसी।
- वार्षिक स्थानांतरण से पहले मूल तैनाती पर भेजे जाएंगे शिक्षक-कर्मचारी।
- महाविद्यालयों और पॉलीटेक्निक संस्थानों में सुधरेगी शैक्षणिक व्यवस्था।
- मानव संसाधनों के संतुलित उपयोग पर सरकार का फोकस।
देहरादून, 6 जून 2026। उत्तराखंड सरकार ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में वर्षों से चली आ रही अटैचमेंट व्यवस्था को समाप्त करने का बड़ा फैसला लिया है। उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि विभागों में सम्बद्ध (अटैचमेंट) और प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थलों पर वापस भेजा जाएगा।
मंत्री डॉ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी प्रकार की सम्बद्धताओं को समाप्त किया जाए। इसके तहत महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न विभागों में अटैचमेंट पर कार्य कर रहे शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उनकी मूल तैनाती वाले संस्थानों में भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी अपने मूल कार्यस्थलों से हटकर अन्य संस्थानों में कार्यरत हैं, जिससे कई महाविद्यालयों और पॉलीटेक्निक संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
डॉ. रावत ने बताया कि विद्यालयी शिक्षा विभाग की तर्ज पर अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में भी अटैचमेंट व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। साथ ही प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कार्मिकों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार उन्हें शीघ्र मूल तैनाती स्थलों पर वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी शिक्षण संस्थानों में मानव संसाधनों का संतुलित, पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके और संस्थानों की कार्यप्रणाली अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सके।

