- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले देहरादून में हुआ भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री ने स्वस्थ और नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण का किया आह्वान
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित “रन फॉर योगा” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “रन फॉर योगा” केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, अध्यात्म और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की आध्यात्मिक परंपराएं और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली और आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। युवाओं को नियमित योग और व्यायाम अपनाने की सलाह देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई योग नीति के तहत योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग और वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रतिदिन योग अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली विकसित करने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली, मेयर सौरभ थपलियाल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

