- विश्वविद्यालयों में साइबर सुरक्षा होगी और मजबूत, छात्रों के डेटा संरक्षण पर सरकार सख्त
देहरादून। उत्तराखंड के राजकीय विश्वविद्यालयों में अब साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विश्वविद्यालयों को छात्र-छात्राओं के डिजिटल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर खतरों से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) एक्ट-2025 के तहत सभी विश्वविद्यालयों को डेटा सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा।
रविवार को अपने शासकीय आवास पर आयोजित राज्य विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ऐसे में विश्वविद्यालयों को अपने वेब एप्लीकेशन, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और छात्रों के व्यक्तिगत डेटा को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
बैठक में विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिए गए गांवों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा प्रत्येक विश्वविद्यालय से 20-20 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन कर उन्हें राज्यपाल के हाथों सम्मानित कराने का निर्णय लिया गया।
डॉ. रावत ने बताया कि ‘एक विश्वविद्यालय-एक शोध’ योजना के तहत सभी विश्वविद्यालयों को अपने प्रमुख शोध कार्यों का पांच मिनट का प्रस्तुतीकरण तैयार करना होगा, जिसे राजभवन में कुलाधिपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में संस्कृत विश्वविद्यालय को हरिद्वार में देशभर के संस्कृत विश्वविद्यालयों की कार्यशाला आयोजित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इस कार्यशाला में संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष मंथन होगा।
समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने साइबर सुरक्षा, परीक्षा संचालन और भविष्य की चुनौतियों को लेकर अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही आगामी छात्रसंघ चुनावों में 50 प्रतिशत पद छात्राओं के लिए आरक्षित रखने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

