- धर्मपुर और कॉवली में बहुमंजिला निर्माण पर कार्रवाई, सेलाकुई में दो स्थानों पर चला बुलडोजर; उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा—अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
देहरादून, 17 अक्टूबर। राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण की टीम ने धर्मपुर, कॉवली और सेलाकुई में अभियान चलाकर बिना आवश्यक स्वीकृति किए जा रहे निर्माणों और प्लॉटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की। धर्मपुर और कॉवली में अवैध बहुमंजिला निर्माण सील किए गए, जबकि सेलाकुई में करीब 20 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
एमडीडीए की इस कार्रवाई को शहर में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और भवन निर्माण संबंधी नियमों का पालन कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के बिना निर्माण या प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
धर्मपुर और कॉवली में बहुमंजिला निर्माण सील
एमडीडीए की टीम ने धर्मपुर स्थित प्रगति विहार की लेन नंबर छह में उपेंद्र अग्रवाल द्वारा किए गए अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया।
इसके अलावा देहरादून की मानसरोवर कॉलोनी, कॉवली में कैलाश, सतीश और हरीश डोभियाल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित निर्माण को सील किया।
प्राधिकरण के अनुसार भवन निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार सख्ती बरती जाएगी।
सेलाकुई में 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एमडीडीए की टीम ने न्यू हाईवे, शिमला बाईपास क्षेत्र के कल्याणपुर, सेलाकुई में देवेंद्र रावत एवं अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया।
इसी क्षेत्र में न्यू हाईवे, सेलाकुई में नवाज अली और भू-स्वामी द्वारा करीब 10 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
इस तरह दोनों मामलों में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को निशाने पर लिया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे।
अवैध प्लॉटिंग से भविष्य में बढ़ सकती हैं नागरिक सुविधाओं की समस्याएं
एमडीडीए का कहना है कि शहर के सुनियोजित विकास के लिए निर्माण और भूखंडों के विकास में निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है। अनधिकृत प्लॉटिंग से भविष्य में सड़क, पेयजल, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, स्वीकृत लेआउट और संबंधित विभागों की आवश्यक अनुमतियों की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान रहेगा जारी: बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नियोजित विकास और बेहतर शहरी व्यवस्था के विजन के अनुरूप प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि विकास कार्य निर्धारित नियमों के दायरे में हों।
उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति निर्माण करने और अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना भी है।
शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर कार्रवाई
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि धर्मपुर, कॉवली और सेलाकुई में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। आमजन भवन निर्माण अथवा भूखंड विकसित करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और नियमों का पालन कर शहर के व्यवस्थित एवं सुरक्षित विकास में सहयोग दें।


