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उत्तरकाशी में मुख्य सचिव की सख्ती, 15 अक्टूबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने का अल्टीमेटम

Pahad Vaarta
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  • जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति परखी, ‘योजना दीदी’ ई-पुस्तक का विमोचन; गंगोत्री-यमुनोत्री की हिमालयी नदियों के संरक्षण के लिए 3.26 करोड़ रुपये के मॉडल का शुभारंभ

उत्तरकाशी, 25 सितंबर 2026। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिला योजना, राज्य वित्त, 25 सूत्रीय कार्यक्रम और केंद्र पोषित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी समाहित करने वाली डिजिटल पहल ‘योजना दीदी’ ई-पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने धामों और धार्मिक स्थलों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए ठोस अपशिष्ट के प्रभावी निस्तारण के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।

15 अक्टूबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने बीआरओ, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और स्थानीय निकायों को 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागाध्यक्षों को नियमित रूप से धरातलीय निरीक्षण करने और अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

उद्यान विभाग की योजनाओं, पॉलीहाउस निर्माण और जायका परियोजना में निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष धीमी प्रगति पर भी मुख्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। साथ ही जिला सैनिक कल्याण विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा करने को कहा।

हिमालयी नदियों के संरक्षण के लिए 3.26 करोड़ का मॉडल

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और उत्तराखंड राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्रारंभ- नदी, जलीय संसाधनों का संरक्षण और जैव विविधता विरासत प्रबंधन’ परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति एवं व्यय की मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ‘स्वच्छ गंगा, निर्मल एवं अविरल यमुना’ के संकल्प के साथ गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र की हिमालयी नदियों के संरक्षण के लिए करीब 3.26 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले जिला स्तरीय मॉडल का उद्घाटन किया।

संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद, समस्याओं के समाधान का भरोसा

समीक्षा बैठक से पहले मुख्य सचिव ने सिविल सोसायटी, पूर्व सैनिक एवं अर्द्धसैनिक बलों के पेंशनर्स, होटल एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रतिनिधियों ने वीबी-जी रामजी योजना में ऑनलाइन उपस्थिति, कूड़ा निस्तारण, सड़क और नेटवर्क समस्या, उपनल में पूर्व सैनिकों के लिए समान कार्य-समान वेतन, नेलांग-जादुंग परमिट के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।

मुख्य सचिव ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के साथ संवाद से क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

स्मार्ट कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव ने जिला मुख्यालय स्थित स्मार्ट कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर आधुनिक निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सीसीटीवी नेटवर्क, रियल टाइम मॉनिटरिंग और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने आमजन की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्मार्ट निगरानी प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

ग्रामीण महिलाओं से जाना पर्यटन गतिविधियों का अनुभव

मुख्य सचिव ने भटवाड़ी विकासखंड के गणेशपुर में होलिस्टिक टूरिज्म पहल के तहत संचालित वूमेन हिल्स ट्रैक एडवेंचर का भी अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से संवाद कर पर्यटन गतिविधियों से जुड़े उनके अनुभव जाने। इस पहल के तहत महिलाओं को ट्रेकिंग, गाइडिंग, कुकिंग और कैंपिंग का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी ममता पंवार, ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप परमार, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद रहे।

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