स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, टीबी उन्मूलन व जन्म-मृत्यु पंजीकरण को 100% करने के निर्देश
टिहरी, 21 अप्रैल:
जिले में मातृत्व स्वास्थ्य एवं क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की त्रैमासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, मातृत्व मृत्यु के मामलों तथा टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति पर गंभीरता से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने जनपद में सामने आए मातृत्व मृत्यु के मामलों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बैठक के दौरान प्रत्येक मामले की विस्तार से समीक्षा करते हुए उनके कारणों का विश्लेषण किया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर रेफरल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने टीबी से होने वाली मौतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने समय पर जांच, निरंतर उपचार और मरीजों की नियमित निगरानी को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को उपचार के दौरान सहयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्य की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी श्याम विजय, डीडीओ मो. असलम, सीएमएस अमित राय, डीपीआरओ एम.एम. खान तथा क्षय रोग अधिकारी जितेन्द्र भण्डारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

