- प्रदेशभर में फसल क्षति का सटीक आकलन कर किसानों को शीघ्र भुगतान के निर्देश, एक माह में 415 माली उपलब्ध कराने की तैयारी; पॉलीहाउस निर्माण में तेजी लाने पर भी जोर
देहरादून, 13 अक्टूबर। उत्तराखंड में बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को प्रभावित किसानों की फसल क्षति का तत्काल आकलन कर बिना देरी के क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों को फसल बीमा योजना के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया।
सोमवार को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
फसल नुकसान का आकलन कर जल्द दें राहत
बैठक में कृषि मंत्री ने बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान से राहत दिलाना प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सटीक आकलन किया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति का भुगतान जल्द सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही फसल बीमा योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया।
एक माह में मिलेंगे 415 माली
राजकीय उद्यानों और पौधशालाओं में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में स्थित राजकीय उद्यानों और पौधशालाओं के लिए आउटसोर्स के माध्यम से 415 माली उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की समीक्षा की।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एक माह के भीतर भर्ती से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर 415 माली उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इससे राजकीय उद्यानों और पौधशालाओं में रखरखाव तथा अन्य कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
पॉलीहाउस निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
पॉलीहाउस योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में पॉलीहाउस स्थापना का लगभग 38 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य जारी है।
मंत्री ने अधिकारियों को पॉलीहाउस निर्माण युद्धस्तर पर पूरा करने को कहा, ताकि किसानों को संरक्षित खेती का लाभ मिल सके और कृषि एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
टी फेस्टिवल की तैयारियों की भी समीक्षा
बैठक में नवंबर में कृषि एवं उद्यान विभाग की ओर से प्रस्तावित टी फेस्टिवल सहित अन्य कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने कार्यक्रमों की रूपरेखा समय से तैयार करने और सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने जियो लाइन टैंक निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में अपर सचिव एवं महानिदेशक कृषि एवं उद्यान डॉ. आनंद श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान डॉ. आर.के. सिंह, निदेशक कृषि दिनेश कुमार, निदेशक बागवानी मिशन महेंद्र पाल, अपर निदेशक डॉ. रतन कुमार, औद्यानिक परिषद के सीईओ नरेंद्र यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


