- पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर, पौधों की सुरक्षा के लिए लोहे की वायरिंग; बंशीधर तिवारी बोले—पौधे लगाना पहला कदम, पेड़ बनाना असली जिम्मेदारी
देहरादून, 8 सितंबर। विकास की रफ्तार के बीच देहरादून की हरियाली को बचाने और बढ़ाने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने नई पहल शुरू की है। प्राधिकरण की ओर से रायपुर स्थित आर्मी फायरिंग रेंज में विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं जड़ी-बूटी वाले पौधों का रोपण किया गया। खास बात यह रही कि पौधारोपण के बाद पौधों को यूं ही प्रकृति के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। उनकी सुरक्षा के लिए रोपण क्षेत्र में लोहे की वायरिंग कराई गई है और अगले दो वर्षों तक नियमित रखरखाव की व्यवस्था भी की गई है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने आर्मी अधिकारियों के साथ पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि देहरादून की पहचान केवल विकसित शहर के रूप में नहीं, बल्कि उसकी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली से भी है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अक्सर पौधारोपण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन बाद में उनकी देखभाल और सुरक्षा की उचित व्यवस्था नहीं हो पाती। ऐसे में पौधे पेड़ बनने से पहले ही नष्ट हो जाते हैं। एमडीडीए ने इस बार पौधारोपण के साथ ही उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की है।
प्राधिकरण ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से पौधारोपण एवं रखरखाव की आवश्यक कार्रवाई पूरी की है। पौधों को जानवरों और अन्य कारणों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए क्षेत्र के चारों ओर लोहे की वायरिंग कराई गई है। इसके साथ ही दो वर्ष तक पौधों की नियमित देखभाल और रखरखाव की व्यवस्था की गई है।
देहरादून में तेजी से बढ़ती आबादी और निर्माण गतिविधियों के बीच हरित क्षेत्रों का संरक्षण बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में एमडीडीए की यह पहल विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फलदार और जड़ी-बूटी वाले पौधों के रोपण से क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने के साथ जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में सेना के अधिकारियों के साथ किए गए पौधारोपण से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी का संदेश भी गया। एमडीडीए का जोर अब केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर पेड़ के रूप में विकसित करने पर है।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण और रखरखाव को भी प्राथमिकता दे रहा है। पौधों की सुरक्षा के लिए वायरिंग और दो वर्ष के रखरखाव की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि शहर का विकास तभी सार्थक है, जब उसके साथ हरियाली भी बढ़े और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुरक्षित रहे।




