- डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई, बाल श्रम और शिक्षा अधिकार कानून के उल्लंघन का मामला
हरिद्वार, 20 मार्च 2026। जनपद हरिद्वार में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर, बहादराबाद की प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मीडिया में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) अमित कुमार चन्द ने जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित प्रधानाध्यापिका पर विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से मध्याह्न भोजन योजना के तहत लकड़ियाँ ढुलवाने का गंभीर आरोप है। प्रथम दृष्टया यह मामला न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि कई महत्वपूर्ण कानूनों के विपरीत भी पाया गया है।
प्राथमिक जांच में यह कृत्य बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) की धारा-3 तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-17 का उल्लंघन माना गया है। साथ ही इसे बच्चों के साथ शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न तथा बाल सुरक्षा मानकों की अनदेखी के रूप में भी देखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कृत्य गंभीर कदाचार, छात्रहित की उपेक्षा और उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 2002 के नियम-3 के विपरीत पाया गया है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित प्रधानाध्यापिका का पद पर बने रहना उचित नहीं माना गया, जिसके चलते उन्हें उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत निलंबित किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापिका को उप शिक्षा अधिकारी, बहादराबाद कार्यालय में उपस्थिति देनी होगी। वहीं, प्रकरण में विस्तृत जांच के लिए अलग से आरोप पत्र भी जारी किया जाएगा।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को बाल अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन कायम करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

