- जिले में बनाए गए 523 बूथ, 1,992 कार्मिक और 105 सुपरवाइजर संभालेंगे जिम्मेदारी; कोई भी बच्चा खुराक से न छूटे, सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने दिए निर्देश
टिहरी गढ़वाल। जनपद टिहरी गढ़वाल में बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए आगामी 22 नवंबर को उपराष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के 46,953 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियान के दौरान कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक पीने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
523 बूथों पर पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनपद में अभियान के लिए कुल 523 बूथ बनाए गए हैं। इनमें पर्वतीय क्षेत्रों में 473 और ढालवाला क्षेत्र में 50 बूथ शामिल हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए 105 सुपरवाइजर और 1,992 कार्मिकों की तैनाती की गई है।
इसके अलावा छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए घर-घर भ्रमण अभियान भी चलाया जाएगा। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में 946 और ढालवाला क्षेत्र में 17 टीमें गठित की गई हैं।
सुबह नौ से शाम चार बजे तक चलेगा बूथ अभियान
22 नवंबर को सभी निर्धारित बूथों पर सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके बाद पर्वतीय क्षेत्रों में 23 और 24 नवंबर को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को खुराक दी जाएगी। वहीं, ढालवाला क्षेत्र में यह अभियान 29 नवंबर तक संचालित किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि लक्षित बच्चों का सर्वेक्षण गंभीरता से किया जाए। सभी बूथों पर पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध रखने के साथ कोल्ड चेन व्यवस्था भी दुरुस्त रखी जाए, ताकि टीके की गुणवत्ता बनी रहे।
दुर्गम क्षेत्रों और श्रमिक परिवारों के बच्चों पर रहेगा विशेष ध्यान
सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने कहा कि अभियान के दौरान दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों, प्रवासियों और निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के बच्चों तक भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचें। उन्होंने अभियान की प्रभावी निगरानी करने और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्ता सुधारने पर जोर
बैठक के दौरान राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित चिकित्सा अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई कमियों पर चर्चा की गई और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि चिह्नित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश, एसीएमओ एनएचएम डॉ. निधि रावत, सीएमएस नरेंद्रनगर डॉ. अमित राय, डीपीआरओ एम.एम. खान, डीपीओ संजय गौरव सहित विभिन्न चिकित्सा अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


