Ad image

महिलाओं के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाएगी सरकार: सीएम धामी

Pahad Vaarta
4 Min Read
  • मातृशक्ति संवाद में मुख्यमंत्री ने कहा- महिलाएं लक्ष्य पर करें फोकस, सरकार हर कदम पर देगी साथ; हाउस ऑफ हिमालयाज के जरिए मिल रही नई पहचान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के बनाए उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें बड़े स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि मातृशक्ति सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहे, सरकार उनके साथ खड़ी है।

शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर अपने अनुभव साझा करने के साथ ही कई सुझाव भी दिए।

महिलाओं के कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कौशल विकास से लेकर महिला उद्यमियों के उत्पादों को बाजार और वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आसान ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी सरकार का जोर है।

हाउस ऑफ हिमालयाज से उत्पादों को मिल रही पहचान

महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों के रूप में विकसित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा तैयार विशिष्ट उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से बाजार में नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है।

राज्य सरकार के अनुसार हाउस ऑफ हिमालयाज उत्तराखंड के महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों का साझा ब्रांड है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़े केंद्र को विकसित करने की योजना है, जहां प्रदेश के सभी 13 जिलों की महिलाओं के विशिष्ट उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी बिक्री

महिला समूहों के उत्पादों को जीएमवीएन और केएमवीएन के गेस्ट हाउसों के माध्यम से बेचने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादों को विभिन्न मेलों और आयोजनों के साथ ही एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के उत्पाद ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

उन्होंने महिला उद्यमियों से उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता अच्छी होगी तो बाजार में उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को वर्षभर संचालित किए जाने पर विचार किया जाएगा।

संवाद में भावुक हुआ माहौल

कार्यक्रम के दौरान एक महिला लाभार्थी ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उनका घर बिक गया था और परिवार के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया था। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने दोबारा अपने परिवार को संभाला।

उन्होंने बिना गारंटी ऋण और स्वयं सहायता समूह से मिली मदद को अपने जीवन में महत्वपूर्ण बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर आधारित गीत भी प्रस्तुत किया। उनके गीत में महिला स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी और ऋण जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, श्रीमती नेहा शर्मा, श्रीमती किरण भट्ट, डॉ. प्राची कंडवाल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।

Share This Article
Leave a Comment