- एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने की राजस्व संवर्द्धन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक, सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप वसूली में तेजी लाने के निर्देश
टिहरी गढ़वाल, 31 अक्टूबर 2026। जिले में राजस्व वसूली बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय राजस्व संवर्द्धन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में सितंबर माह तक हुई राजस्व प्राप्ति की तुलनात्मक समीक्षा की गई। समीक्षा में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की राजस्व प्राप्ति में उल्लेखनीय वृद्धि सामने आई।
खनन विभाग की आय 16.37 करोड़ से बढ़कर 34.62 करोड़ रुपये
बैठक में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितंबर तक विभाग को 16.37 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसी अवधि तक यह आंकड़ा बढ़कर 34.62 करोड़ रुपये पहुंच गया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राजस्व प्राप्ति में 211.48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 70 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
परिवहन और विद्युत विभाग की राजस्व प्राप्ति में भी इजाफा
परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितंबर तक 617.75 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया था, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में इसी अवधि के दौरान 636.10 लाख रुपये की प्राप्ति हुई। इस तरह विभाग की आय में 18.35 लाख रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। परिवहन विभाग का वार्षिक लक्ष्य 15.25 करोड़ रुपये है।
विद्युत विभाग की राजस्व प्राप्ति भी बढ़ी है। पिछले वित्तीय वर्ष में सितंबर तक 7906.42 लाख रुपये की प्राप्ति हुई थी, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में यह बढ़कर 8545.79 लाख रुपये हो गई। विभागीय विवरण के अनुसार, राजस्व में 8.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
उप निबंधक कार्यालयों की आय 29.70 करोड़ रुपये पहुंची
उप निबंधक कार्यालयों की समीक्षा में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में सितंबर तक चारों कार्यालयों से कुल 20.53 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष में सितंबर 2026 तक यह बढ़कर 29.70 करोड़ रुपये हो गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 55 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष विभाग ने लगभग 54 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।
आबकारी, राजस्व और वन विभाग की वसूली में बढ़ोतरी
बैठक में आबकारी विभाग की राजस्व प्राप्ति सितंबर 2025 के 7585.60 लाख रुपये से बढ़कर सितंबर 2026 में 7938.90 लाख रुपये दर्ज की गई। राजस्व विभाग की प्राप्ति 155.53 लाख रुपये से बढ़कर 1097.33 लाख रुपये हो गई। इसी तरह वन विभाग की आय 235.16 लाख रुपये से बढ़कर 776.32 लाख रुपये पहुंच गई।
राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्ति भी 2263 लाख रुपये से बढ़कर 2497 लाख रुपये दर्ज की गई। वहीं, निबंधन विभाग की आय 2053.10 लाख रुपये से बढ़कर 2970.30 लाख रुपये हो गई।
कम वसूली वाले विभागों से मांगा जवाब
बैठक में नगर निकायों, जिला पंचायत, खाद्य सुरक्षा विभाग, जल संस्थान समेत अन्य राजस्व अर्जित करने वाले विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने कम राजस्व वसूली वाले विभागों से इसके कारणों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग राजस्व प्राप्ति से संबंधित आंकड़े स्पष्ट, एकरूप और अद्यतन स्थिति में प्रस्तुत करें। प्रत्येक विभाग की रिपोर्ट में वार्षिक लक्ष्य, अब तक हुई वसूली और शेष राजस्व का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि वास्तविक प्रगति का आकलन किया जा सके।
बकायेदारों से नियमानुसार वसूली के निर्देश
अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने लंबित राजस्व वसूली के मामलों की नियमित निगरानी करने, बकायेदारों से नियमानुसार वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करने और राजस्व बढ़ाने की संभावनाओं वाले क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने और राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व आंकड़ों में पारदर्शिता और एकरूपता बनाए रखना जरूरी है, जिससे विभागवार लक्ष्य, माहवार वसूली और कुल उपलब्धि की सही तस्वीर सामने आ सके।
बैठक में जिला खान अधिकारी रवि नेगी, एआरटीओ राजेंद्र विराटिया, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रमोद रावत, एसडीओ वन जन्मेजय चंद रमोला सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।


