- इंदिरा मार्केट रि-डेवलपमेंट और आढ़त बाजार विस्थापन कार्यों की समीक्षा; प्रभावित व्यापारियों को शर्तों के अनुरूप दुकानें उपलब्ध कराने और लंबित रजिस्ट्रियों को जल्द पूरा करने पर जोर
देहरादून। राजधानी देहरादून में आढ़त बाजार के चौड़ीकरण और इंदिरा मार्केट रि-डेवलपमेंट कार्यों को गति देने के लिए समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने एमडीडीए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और व्यापारियों की अपेक्षाओं के अनुरूप निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
बुधवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री खजानदास ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधिकारियों से दोनों परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इंदिरा मार्केट रि-डेवलपमेंट कार्यों को आगे बढ़ाने, लंबित एमओयू पूरे करने और वर्ष 2013 की निर्धारित शर्तों के अनुरूप शेष व्यापारियों को दुकानें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आढ़त बाजार की रजिस्ट्रियों में देरी पर जताई नाराजगी
आढ़त बाजार विस्थापन प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री सहित अन्य कार्यों में हो रही देरी पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित रजिस्ट्रियों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क निर्माण से संबंधित कार्यों को समय पर आगे बढ़ाया जा सके।
गौरतलब है कि सहारनपुर चौक के निकट स्थित आढ़त बाजार में लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने बाजार के चौड़ीकरण को मंजूरी दी है। इस परियोजना से प्रभावित होने वाले व्यापारियों को आईएसबीटी के पास विस्थापित किया जाना है। ऐसे में विस्थापन की प्रक्रिया समय पर पूरी करना और प्रभावित व्यापारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार दुकानें उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
संस्कृत महाविद्यालय में बनेंगे अतिरिक्त कक्षा-कक्ष
बैठक में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जानकारी दी कि श्री शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के पार्कों का सौंदर्यीकरण कर वहां बैठने के लिए बेंच उपलब्ध कराने की योजना पर भी जानकारी दी गई।
बैठक में इंदिरा मार्केट वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सरदार गुरभेज सिंह, सचिव जगदीश प्रसाद सहित सोसाइटी के अन्य पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


