- जल जीवन मिशन की 1,252 योजनाएं पूरी, 7 पर काम जारी; पेयजल और सीवरेज लाइनों के बीच पर्याप्त दूरी सुनिश्चित करने के निर्देश
टिहरी गढ़वाल, 08 अक्टूबर। जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने अधिकारियों को पेयजल स्रोतों की सुरक्षा के साथ योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में सीवरेज लाइन और पेयजल लाइन के इंटरसेक्शन अथवा लीकेज के कारण पेयजल स्रोत दूषित नहीं होना चाहिए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन, हर घर जल योजना, फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
अधिशासी अभियंता जल संस्थान प्रशांत भारद्वाज ने जनपद में संचालित 9 फंक्शनल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की जानकारी दी। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं और हर घर फंक्शनल टैप कनेक्शन की शाखावार प्रगति से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
जल निगम की 1,252 योजनाएं पूरी
बैठक में जल जीवन मिशन की भौतिक प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जल निगम की कुल 1,259 योजनाओं में से 1,252 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि सात योजनाओं पर कार्य चल रहा है। वहीं जल संस्थान की कुल 1,047 योजनाओं में से 1,039 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष कार्य प्रगति पर है।
घनसाली और चमियाला में लाइन शिफ्टिंग पूरी
पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में पेयजल पाइपलाइन और सीवरेज लाइन के संभावित इंटरसेक्शन एवं लीकेज को लेकर किए गए फील्ड सर्वे की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जहां दोनों लाइनों के इंटरसेक्शन की संभावना थी, वहां आवश्यकतानुसार लाइन शिफ्टिंग का कार्य किया गया है।
घनसाली और चमियाला में लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि देवप्रयाग और नई टिहरी में कुछ मामले अभी लंबित हैं।
नरेंद्रनगर में सीवरेज कार्य को लेकर दिए निर्देश
नरेंद्रनगर में चल रहे सीवरेज कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीवरेज लाइन और पेयजल पाइपलाइन के बीच पर्याप्त दूरी अभी से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार के इंटरसेक्शन या लीकेज की स्थिति नहीं बननी चाहिए, जिससे पेयजल स्रोत दूषित होने का खतरा पैदा हो।
डीएम ने संबंधित ठेकेदार को भी स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो।
गांवों में भी पेयजल स्रोतों की निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि पेयजल स्रोतों को दूषित होने से बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए ग्राम स्तर पर भी विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में निरीक्षण और आवश्यक फील्ड सर्वे कर पेयजल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम के.एन. सेमवाल ने जल जीवन मिशन और हर घर जल योजना की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी।
इस अवसर पर सीडीओ वरुणा अग्रवाल, सीएमओ डॉ. राम प्रकाश, अधीक्षण अभियंता जल निगम विनय कुमार जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


