- एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले- इतिहास की त्रासदी से सीख लेकर एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को बनाएं मजबूत
देहरादून, 14 अगस्त। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में शुक्रवार को वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नागरिकों को नमन किया और विभाजन की त्रासदी को स्मरण किया।
इस अवसर पर एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस देश के इतिहास के उस दर्दनाक अध्याय को याद करने का अवसर है, जिसने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। विभाजन के दौरान असंख्य लोगों को अपना घर और जमीन छोड़कर विस्थापित होना पड़ा, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्राण गंवाए और कई परिवार अपनों से हमेशा के लिए बिछड़ गए।
उन्होंने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य केवल अतीत की पीड़ा को याद करना नहीं है, बल्कि इतिहास से सीख लेकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को और मजबूत करना भी है। नई पीढ़ी को इस ऐतिहासिक त्रासदी से अवगत कराना जरूरी है, ताकि वह शांति, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझ सके।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें इतिहास से सीख लेने और समाज में आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। विभाजन के दौरान पीड़ित हुए लोगों को याद करना हमारा सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस दिवस का संदेश शांति, एकता और सद्भाव को मजबूत करना है। देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। उत्तराखंड में भी विभिन्न विभागों और जिलों में इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही विस्थापित परिवारों के संघर्ष और पीड़ा को याद करना तथा समाज में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सद्भाव की भावना को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल सहित एमडीडीए के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




