- लो-लाइन क्षेत्रों में जीपीएस युक्त जेसीबी तैनात करने के निर्देश, स्कूलों में फुल स्लीव ड्रेस अनिवार्य, लापरवाही पर एपिडेमिक एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
देहरादून। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं और डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार से आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ कहा कि मानसून में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग पूर्व तैयारी के साथ प्रभावी कार्ययोजना लागू करें।
डीएम ने नदी किनारे स्थित लो-लाइन क्षेत्रों में जीपीएस युक्त जेसीबी मशीनें पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए, ताकि बाढ़ या जलभराव की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। स्वास्थ्य विभाग को सभी आपदा संचालन केंद्रों पर एम्बुलेंस और जरूरी चिकित्सा संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए नगर निगम और सभी नगर निकायों को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव, नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने के आदेश दिए गए। साथ ही अधिक फॉगिंग मशीनें खरीदने के भी निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर सर्वे अभियान तेज करने, बुखार के मरीजों की पहचान और संदिग्ध डेंगू मरीजों की तत्काल जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
विद्यालयों में डेंगू से बचाव को लेकर डीएम ने बड़ा निर्देश देते हुए कहा कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छात्र-छात्राएं फुल स्लीव ड्रेस पहनकर आएं। स्कूल परिसरों में जलभराव या गंदगी मिलने पर कार्रवाई होगी और निर्देशों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों पर एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कूड़ा उठान की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को नए गार्बेज प्वाइंट चिन्हित कर तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं कूड़े के ढेर मिले तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




