नई टिहरी 13 दिसम्बर 2025| कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति-2017 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पालिका, नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित इको वेल्थ प्रोजेक्ट की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
इको वेल्थ प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में उपस्थित सभी अधिशासी अधिकारियों (नगर पालिका/नगर पंचायत) से इको वेल्थ प्रोजेक्ट की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि परियोजना का क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जा रही है।
इस पर सीडीओ ने प्रत्येक माह एकत्रित कूड़े की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि किसी निकाय को कूड़ा संग्रहण से संबंधित सामग्री की आवश्यकता हो तो तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किया जाए।
ग्राम पंचायतों के कूड़ा केंद्रों की होगी जांच
सीडीओ ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में स्थित जालीदार कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थिति का सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अपने स्तर से भौतिक सत्यापन करेंगे।
जहां कहीं भी रिपेयरिंग या रंग-रोगन की आवश्यकता होगी, वहां 15वें वित्त आयोग की टाइड मद के अंतर्गत योजना बनाकर मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
दुर्गम व शहरी सीमा से सटे गांवों में कूड़ा उठान बनी चुनौती
बैठक में सभी खंड विकास अधिकारियों ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायतों के रोडहेड पर स्थित कूड़ा संग्रहण केंद्रों से पूर्व में जारी रोस्टर के अनुसार कूड़ा उठान कर ब्लॉक स्तर के कॉम्पैक्टर तक पहुंचाया जा रहा है।
हालांकि, कुछ दुर्गम ग्राम पंचायतों तथा शहरी निकायों से सटे गांवों में कूड़ा उठान को लेकर व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं।
इस पर सीडीओ ने संबंधित स्थानीय निकायों से समन्वय स्थापित कर कूड़ा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जिला पंचायत स्तर पर भी नियमित कूड़ा उठान
जिला पंचायत द्वारा अवगत कराया गया कि जिला स्तर पर भी समय-समय पर कूड़े का उठान कर एकत्रित कचरे को कॉम्पैक्टर मशीन तक पहुंचाया जा रहा है।
स्वच्छता मित्रों की भूमिका पर जोर
सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने सभी ग्राम पंचायतों से अपील की कि स्वच्छता मित्रों के माध्यम से सप्ताह में कम से कम एक बार ठोस एवं तरल कूड़े को अलग-अलग एकत्र कर कूड़ा संग्रहण केंद्र तक पहुंचाया जाए, ताकि स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

