- जनपद में अब तक 1,466 चालान, चंबा में सबसे अधिक 297 और मुनिकीरेती-ढालवाला में 249 चालान; कूड़ा संवेदनशील स्थलों की फोटो सहित रिपोर्ट तलब
नई टिहरी, 5 नवंबर। टिहरी गढ़वाल में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने नगर निकायों के अधिकारियों को चालान की कार्रवाई तेज करने, कूड़ा संवेदनशील स्थलों को चिह्नित करने और पुराने कचरे के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के सभी नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा की। इस दौरान बीडब्ल्यूजी पंजीकरण, चालान की कार्रवाई, लिगेसी वेस्ट के निस्तारण, कूड़ा एकत्रीकरण प्लांट की स्थिति, कूड़ा वाहनों में जीपीएस व्यवस्था और आरआरआर सेंटर की स्थापना सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
अब तक 1,466 चालान, चंबा सबसे आगे
बैठक में नगर निकायों की चालान कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि जनपद में अब तक कुल 1,466 चालान किए जा चुके हैं। इनमें चंबा नगर निकाय में सबसे अधिक 297 चालान, जबकि मुनिकीरेती-ढालवाला में 249 चालान किए गए हैं। वहीं, नरेंद्रनगर में सबसे कम 24 चालान दर्ज किए गए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को चालान की संख्या बढ़ाने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी और कार्रवाई जरूरी है।
कूड़ा वाहनों में चार कंपार्टमेंट और जीपीएस लगाने की तैयारी
बैठक में अवगत कराया गया कि सितंबर 2026 में रिंग-फेंस्ड अकाउंट से सभी नगर निकायों को कूड़ा वाहनों में चार कंपार्टमेंट और जीपीएस स्थापित करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस व्यवस्था से कूड़ा संग्रहण और परिवहन की निगरानी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
चमियाला और लंबगांव में पुराने कचरे के निस्तारण पर जोर
चमियाला और लंबगांव की स्थिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में जमा पुराने कचरे यानी लिगेसी वेस्ट को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा, ताकि अप्रोच रोड की चौड़ाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में सभी नगर निकायों ने कूड़े के स्रोत पर पृथक्करण यानी सोर्स सेग्रीगेशन की स्थिति की जानकारी भी प्रस्तुत की।
कूड़ा संवेदनशील स्थलों की फोटो सहित रिपोर्ट मांगी
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स यानी कूड़ा जमा होने वाले संवेदनशील स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को इन स्थलों का विवरण फोटोग्राफ सहित तैयार कर आगामी बैठक में प्रस्तुत करना होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, अधिशासी अधिकारी चंबा प्रशांत चौधरी, अधिशासी अधिकारी गजा रोहित सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


