- 11 दिवसीय रामलीला में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुभाष रमोला बोले—आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी संजोकर रखें
थत्यूड़ (टिहरी गढ़वाल)। जौनपुर विकासखंड के बंगशील में आदर्श रामलीला समिति बंगशील देवलसारी की ओर से आयोजित 11 दिवसीय रामलीला में प्रभु श्रीराम की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया जा रहा है। रामलीला के दौरान अशोक वाटिका से लेकर लंका दहन तक की मनमोहक लीला का मंचन किया गया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से रूबरू कराया और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
रामलीला के 11वें दिन उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध लोकगायिका रेशमा शाह सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान टिहरी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुभाष रमोला, भाजपा जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र राणा, जयपाल कैरवाण और विनोद राणा सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
रेशमा शाह के भजनों ने बांधा समां
कार्यक्रम में लोकगायिका रेशमा शाह ने कोनेश्वर महादेव के भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उनके भजनों से रामलीला परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया और उपस्थित रामभक्त भक्ति रस में डूब गए।
संस्कृति और सभ्यता को कभी न भूलें : सुभाष रमोला
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए टिहरी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुभाष रमोला ने कहा कि व्यक्ति को जीवन में कितनी भी बड़ी सफलता क्यों न मिल जाए, उसे अपनी संस्कृति, सभ्यता और आदर्शों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
उन्होंने कहा, हम पढ़-लिखकर डॉक्टर, पीएचडी धारक, इंजीनियर, आईएएस या पीसीएस अधिकारी बन जाएं, लेकिन हमें अपनी संस्कृति, सभ्यता और आदर्शों को हमेशा याद रखना चाहिए। जिस समाज ने अपनी सभ्यता और संस्कृति को छोड़ दिया, वह या तो समाप्त हो गया या समाप्ति के कगार पर पहुंच गया।
उन्होंने रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पीढ़ी तक भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आदर्शों को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
समिति के पदाधिकारी और रामभक्त रहे मौजूद
इस अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष विजेंद्र पंवार, कोषाध्यक्ष महिपाल राणा, जगत सिंह राणा, मंच संचालक कमल किशोर नौटियाल, सचिव महावीर राणा, संरक्षक वीरेंद्र नौटियाल, प्रेम सिंह राणा, दिलमणी गौड़, चंद्र सिंह रावत, शांति प्रसाद गौड़, हुकम सिंह राणा, गोविंद सिंह राणा और महावीर सबरियाल सहित बड़ी संख्या में रामभक्त उपस्थित रहे।


