नई टिहरी। वर्षों से घुटनों के दर्द, सूजन और अकड़न से जूझ रही एक महिला को आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म चिकित्सा से बड़ी राहत मिली है। जिला अस्पताल बौराड़ी स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में उपचार के बाद महिला के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
भारती चमोली लंबे समय से आमवात (इन्फ्लेमेटरी अर्थराइटिस) से पीड़ित थीं। बीमारी के कारण उन्हें चलने-फिरने, घुटनों को मोड़ने और दैनिक कार्य करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या बढ़ने पर उन्होंने जिला अस्पताल बौराड़ी स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में परामर्श लिया।
जांच के बाद आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सिद्धि मिश्रा ने उन्हें आमवात से ग्रसित पाया। इसके बाद आयुर्वेदिक औषधियों के साथ पंचकर्म चिकित्सा शुरू की गई। उपचार के प्रथम चरण में सात दिनों तक बालुका स्वेद किया गया, जिससे घुटनों की सूजन, जकड़न और दर्द में कमी आने लगी।
इसके बाद दस दिनों तक पत्र पोटली स्वेद उपचार दिया गया। औषधीय पत्तियों और विशेष तेलों से तैयार पोटली के माध्यम से किए गए स्वेदन से जोड़ों की सूजन कम हुई और घुटनों की गतिशीलता में सुधार देखा गया।
उपचार पूरा होने के बाद भारती चमोली को चलने-फिरने और दैनिक कार्य करने में पहले की अपेक्षा अधिक सहजता महसूस हुई। उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सालय की चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सकीय मार्गदर्शन पर संतोष व्यक्त किया।
डॉ. सिद्धि मिश्रा ने बताया कि समय पर उचित आयुर्वेदिक उपचार, नियमित औषधि सेवन और पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से आमवात जैसे रोगों में प्रभावी लाभ प्राप्त किया जा सकता है।




